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Navgrah Dosh

Navgrah Dosh Puja –

Nav Grah Dosh Puja हिंदू ज्योतिष और धार्मिक परंपरा में एक विशेष पूजा है जो नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु) को शांत करने के लिए की जाती है।

नीचे आसान भाषा में समझें कि कुंडली में क्या होने पर यह पूजा करवाई जाती है और इससे क्या लाभ माना जाता है। 👇


1️⃣ कुंडली में Nav Grah Dosh कब माना जाता है

जब जन्म कुंडली में कोई ग्रह कमजोर, पीड़ित या अशुभ स्थिति में होता है तो उसे ग्रह दोष कहा जाता है। कुछ सामान्य स्थितियाँ:

🔹 1. ग्रह का नीच (debilitated) होना

अगर कोई ग्रह अपनी कमजोर राशि में हो तो उसका शुभ फल कम हो जाता है।

🔹 2. पाप ग्रहों की दृष्टि

अगर किसी अच्छे ग्रह पर शनि, राहु, केतु या मंगल की खराब दृष्टि हो।

🔹 3. ग्रह का गलत भाव में होना

जैसे कुछ ग्रह अगर 6th, 8th या 12th भाव में कमजोर होकर बैठें।

🔹 4. ग्रहण दोष

जब राहु या केतु सूर्य या चंद्र के साथ बैठते हैं

🔹 5. महादशा / अंतरदशा में ग्रह का खराब होना

जब खराब ग्रह की दशा चलती है तो जीवन में समस्याएँ बढ़ सकती हैं।


2️⃣ Nav Grah Dosh के लक्षण (ज्योतिष के अनुसार)

अगर कुंडली में दोष हो तो अक्सर लोग ये समस्याएँ बताते हैं:

  • काम में बार-बार बाधा

  • पैसों की परेशानी

  • शादी में देरी

  • स्वास्थ्य समस्याएँ

  • मानसिक तनाव

  • कोर्ट केस या दुश्मन बढ़ना

  • अचानक नुकसान

(ध्यान रखें: यह ज्योतिषीय मान्यता है, हर समस्या का कारण ग्रह ही हो ऐसा जरूरी नहीं।)


3️⃣ Nav Grah Dosh Puja में क्या किया जाता है

Nav Grah Dosh Puja में आमतौर पर:

  • 9 ग्रहों के मंत्रों का जाप

  • नवग्रह यंत्र या मूर्तियों की पूजा

  • हवन (अग्नि में आहुति)

  • दान (अनाज, कपड़े, धातु आदि)

  • विशेष ग्रह के लिए मंत्र


4️⃣ Nav Grah Puja से क्या लाभ माना जाता है

धार्मिक मान्यता के अनुसार:

✨ ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है
✨ जीवन में रुकावटें कम होती हैं
✨ मानसिक शांति मिलती है
✨ काम-धंधे और धन में सुधार
✨ विवाह या करियर में अटकी चीजें आगे बढ़ सकती हैं


महत्वपूर्ण बात:
Nav Grah Puja तभी करवाई जाती है जब कुंडली देखकर कोई ज्योतिषी ग्रह दोष बताए। हर व्यक्ति को यह पूजा जरूरी नहीं होती।


👍 अगर चाहें तो मैं आपको यह भी बता सकता हूँ:

  • कुंडली में सबसे खतरनाक 5 ग्रह दोष कौन-से होते हैं

  • घर पर आसान Nav Grah शांति उपाय

  • Nav Grah Puja का सही खर्च और समय (बहुत लोग इसमें ठगे भी जाते हैं)

thodi detail me jankari chahiye

Nav Grah Dosh Puja ज्योतिष में नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु) को शांत करने के लिए की जाने वाली पूजा है। यह तब करवाई जाती है जब जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति अशुभ मानी जाती है। नीचे इसे थोड़ा विस्तार से समझते हैं। 👇


1️⃣ Nav Grah क्या होते हैं

हिंदू ज्योतिष में 9 मुख्य ग्रह माने जाते हैं:

  1. ☀️ सूर्य (Sun) – आत्मविश्वास, पिता, सरकारी काम

  2. 🌙 चंद्र (Moon) – मन, भावनाएँ, मानसिक शांति

  3. ♂️ मंगल (Mars) – ऊर्जा, साहस, जमीन-जायदाद

  4. बुध (Mercury) – बुद्धि, व्यापार, बोलने की क्षमता

  5. गुरु (Jupiter) – ज्ञान, भाग्य, विवाह, धर्म

  6. ♀️ शुक्र (Venus) – सुख, प्रेम, वैवाहिक जीवन, विलासिता

  7. शनि (Saturn) – कर्म, मेहनत, न्याय, देरी

  8. राहु – अचानक घटनाएँ, भ्रम, विदेशी चीजें

  9. केतु – आध्यात्म, अलगाव, रहस्य

अगर इन ग्रहों की स्थिति कुंडली में खराब हो जाए तो ग्रह दोष बनता है।


2️⃣ कुंडली में Nav Grah Dosh कैसे बनता है

कुंडली में कई कारणों से ग्रह दोष बनता है:

🔹 1. ग्रह का नीच राशि में होना

हर ग्रह की एक कमजोर राशि होती है।
उदाहरण:

  • सूर्य – तुला में कमजोर

  • मंगल – कर्क में कमजोर

  • गुरु – मकर में कमजोर

ऐसी स्थिति में ग्रह अपना अच्छा फल नहीं देता।


🔹 2. पाप ग्रहों की दृष्टि

कुछ ग्रह कठोर या पाप ग्रह माने जाते हैं:

  • शनि

  • राहु

  • केतु

  • कभी-कभी मंगल

अगर ये ग्रह किसी अच्छे ग्रह को प्रभावित करें तो समस्या बनती है।


🔹 3. ग्रह का खराब भाव में होना

जन्म कुंडली के 12 भाव होते हैं।
इनमें से कुछ भाव कठिन माने जाते हैं:

  • 6th भाव – बीमारी और दुश्मन

  • 8th भाव – दुर्घटना और अचानक समस्या

  • 12th भाव – खर्च और नुकसान

अगर कोई ग्रह यहां कमजोर होकर बैठे तो परेशानी बढ़ सकती है।


🔹 4. ग्रहण दोष

जब राहु या केतु सूर्य या चंद्र के साथ बैठ जाएँ तो इसे ग्रहण दोष कहा जाता है।

इससे माना जाता है कि:

  • मानसिक तनाव

  • जीवन में रुकावट

  • परिवार में समस्या


🔹 5. विशेष ग्रह दोष

कुछ खास दोष भी होते हैं जैसे:

  • Mangal Dosh – मंगल खराब होने से शादी में देरी या वैवाहिक समस्या

  • Shani Sade Sati – शनि की 7.5 साल की कठिन अवधि

  • कालसर्प दोष (राहु-केतु से जुड़ा दोष)


3️⃣ Nav Grah Dosh के संभावित प्रभाव

ज्योतिष मान्यता के अनुसार ग्रह दोष होने पर व्यक्ति को ये समस्याएँ हो सकती हैं:

💰 आर्थिक समस्या

  • बार-बार नुकसान

  • नौकरी में समस्या

  • व्यापार में रुकावट

💍 शादी और रिश्ते

  • शादी में देरी

  • पति-पत्नी में झगड़े

🧠 मानसिक समस्या

  • चिंता

  • निर्णय लेने में परेशानी

🏥 स्वास्थ्य

  • बार-बार बीमारी

  • दुर्घटना का योग

(ध्यान दें: यह धार्मिक/ज्योतिषीय मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं।)


4️⃣ Nav Grah Dosh Puja में क्या किया जाता है

Nav Grah Dosh Puja में आमतौर पर ये चरण होते हैं:

🪔 1. संकल्प

पूजा शुरू करने से पहले व्यक्ति का नाम, गोत्र और उद्देश्य बोला जाता है।

📿 2. नवग्रह मंत्र जाप

हर ग्रह के लिए अलग मंत्र होता है।
जैसे:

  • सूर्य मंत्र

  • चंद्र मंत्र

  • शनि मंत्र

🔥 3. हवन

अग्नि में मंत्रों के साथ आहुति दी जाती है।

🌾 4. ग्रह के अनुसार दान

हर ग्रह के लिए अलग दान होता है:

ग्रह दान
सूर्य गेहूं
चंद्र चावल
मंगल लाल कपड़ा
बुध हरी मूंग
गुरु पीला कपड़ा
शुक्र सफेद चीजें
शनि काला तिल / तेल
राहु नीला कपड़ा
केतु कंबल

5️⃣ Nav Grah Puja से क्या लाभ माना जाता है

धार्मिक मान्यता के अनुसार:

✨ ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम हो सकता है
✨ जीवन में रुकावटें कम हो सकती हैं
✨ मानसिक शांति मिलती है
✨ भाग्य और अवसर बेहतर हो सकते हैं
✨ स्वास्थ्य और रिश्तों में सुधार आ सकता है


6️⃣ Nav Grah Puja कब करवाई जाती है

यह पूजा लोग इन स्थितियों में करवाते हैं:

  • बार-बार काम बिगड़ना

  • शादी में देरी

  • लगातार आर्थिक नुकसान

  • शनि की साढ़े साती

  • कुंडली में ग्रह दोष